कलीसिया में पांच (5) प्रकार की सेवकाई नहीं तो वो जीवित कलीसिया नही
खरी शिक्षा है हर कोई सहन नहीं कर सकेगा
ध्यान रहे पौलुस कुरिन्थियों की कलीसिया को खत लिख रहा है एक कलीसिया को समझा रहा है इसका मतलब हर कलीसिया में इतने प्रकार की सेवकाई होनी ही चाहिए
**_कलीसिया कैसी होनी चाहिए ?_**
**_कैसी कलीसिया उठाई जायेगी ?_**
“इसी प्रकार तुम सब मिल कर मसीह की देह हो, और अलग अलग उसके अंग हो;”
“और परमेश्वर ने कलीसिया में अलग अलग व्यक्ति नियुक्त किये हैं :
IMP – ध्यान से पढ़ें – कलीसिया (एक वचन ) है यानि प्रत्येक कलीसिया =
प्रथम प्रेरित, दूसरे भविष्यद्वक्ता, तीसरे शिक्षक , फिर सामर्थ के काम करने वाले, फिर चंगा करने वाले, और उपकार करने वाले, और प्रबंध करने वाले, नाना प्रकार की भाषा बोलने वाले | ” 1 कुरिन्थियों 12:27,28
ये सब मिल एक कलीसिया = मसीह की देह
ये बात सच है
परमेश्वर का वचन सत्य
यदि एक देह यानि कलीसिया में इतने अंग नही हैं
★★★ तो कलीसिया विकलांग है ★★★
1. यदि किसी कलीसिया में प्रेरित नही हैं ?
तो वो कलीसिया बाँझ है ।
बच्चे पैदा न करने वाली कलीसिया
क्योंकि प्रेरित कलीसिया स्थापित करते है ।
2. यदि किसी कलीसिया में भविष्यद्वक्ता नही तो ?
वो कलीसिया गूंगी है।
क्योंकि भविष्यद्वक्ता परमेश्वर का मुँह होता है।
3. यदि कलीसिया में शिक्षक नही है तो ?
वो कलीसिया में परमेश्वर के ज्ञान की कमी रहेगी यानि लोग अज्ञानी रहेंगे ।
क्योंकि शिक्षक पवित्र आत्मा गुरु जी से सीख कर लोगो को वचन की शिक्षा देता है।
एक बच्चे को यदि स्कूल में नही पढ़ाओ तो बच्चे की क्या दशा होगी ? आप समझ सकते हैं ।
4. यदि आपकी कलीसिया में सामर्थ के काम करने वाले नही हैं ?
तो वो कलीसिया के द्वारा परमेश्वर का राज्य नही फैलेगा
1 कुरिन्थियों 4:20
5. यदि कलीसिया में चंगा करने वाले नही हैं ?
★ सुसमाचार के साथ चिन्ह चमत्कार होना वचन को प्रमाणित करते हैं कि वचन सत्य है परमेश्वर का वचन सामर्थी है ★
परमेश्वर का वचन दृढ नही होगा सिद्ध नही होगा वचन साबित या प्रमाणित नही होगा। मरकुस 16:20
ऐसी कलीसिया मृत
है लोग पवित्र आत्मा से भरे हुए नही है मरकुस 16:17,18 के अनुसार विश्वासी नही हैं
6. यदि आपकी कलीसिया में उपकार करने वाले नहीं हैं ?
ऐसी कलीसिया से मसीह की देह का जीवन प्रदर्शित नही होगा
7. यदि आपकी कलीसिया में प्रबंध करने वाले नहीं हैं ?
और प्रबंध न होने से अव्यवस्था रहेगी और वहां दुष्ट का काम हावी रहेगा कलीसिया फूट रहेगी जिससे लड़ाई झगड़े होंगे, गड़बड़ी की आत्मा वहां पर काम करेगी जिससे मसीह के काम में बाधा उत्तपन्न होगी
8. नाना प्रकार की भाषा बोलने वाले नही हैं तो
वो मरकुस 16:17,18 के अनुसार विश्वासी कलीसिया है ही नही है ,
जो अन्य अन्य भाषा नही बोलता वो पिता से बात नही कर सकता
जो अन्य अन्य भाषा नही बोलता उसकी आत्मिक उन्नति नही होती और वो Revelation 3:17 के अनुसार “तू जो कहता है, कि मैं धनी हूं, और धनवान हो गया हूं, और मुझे किसी वस्तु की घटी नहीं, और यह नहीं जानता, कि तू अभागा और तुच्छ और कंगाल और अन्धा, और नंगा है।”
अन्य भाषा बोलते बोलते अंदर से बहाव उमण्डता है यहुन्ना 7:38 जब ये नदियां ह्रदय के अंदर से उमण्डति हैं तभी इसी बहाव में वरदान मिलते और अलौकिक जीवन बन जाता अलौकिक चमत्कार होते हैं।
इसी बहाव ने नाना भाषा बोलते बोलते स्वर्ग उठा लिया जा सकता है यानि उसके ऊपर स्वर्ग खुल जा सकता है परमेश्वर को देख सकता सुन सकता है
जो अन्य भाषा नही बोलता उसको अन्य भाषा का अनुवाद करने का वरदान नही मिलेगा न ही वो भविष्यद्वाणी कर पायेगा और वो कलीसिया की उन्नति का कारण नही बनेगा
नाना प्रकार की भाषा बोलने वाले के अंदर से पवित्र आत्मा दुनिया की किसी भी भाषा वाले व्यक्ति से उसकी भाषा में बात कर सकते हैं
नाना भाषा बोलने वाला किसी भी परेशानी समस्या को आते देख या फंस जाने पर अन्य भाषा में बोल कर यानि पिता से गोपनीय भाषा में बातें कर स्वर्ग से तुरंत सहायता प्राप्त कर सकता है और समस्या, मुसीबत, परेशानी, विपत्ति से तुरंत निकल सकता है ।
अन्य भाषा के 66 स्तर (स्टेज ) होते हैं अन्य भाषा बोलते बोलते जब वो एक स्तर से दूसरे स्तर में प्रवेश करते हुए 66 वें स्तर में प्रवेश करता है तब वो भविष्यद्वक्ता के कार्यलय में बैठ जाता है (Office of The Prophet )
लोग वचन को बहुत हलके में सुनते और ग्रहण करते हैं
ये पूरी सेवकाई मरकुस 16:17,18 के अनुसार विश्वासी बनने के बाद शुरू होती है
प्रकाशित वाक्य 2 और 3 अध्याय में सातों कलीसिया को यीशु मसीह ने चितावनी दी हैं
ये चितावनियां इसलिए दी हैं
क्योंकि ऐसी ही कलीसिया उठाई जाएँगी
यदि आपकी कलीसिया में उक्त सेवकाई नही है तो कलीसिया का सर मसीह नही है आपका पास्टर ही कलीसिया का सर है
और जिस कलीसिया का सर पास्टर है वो यीशु के आगमन पर नही उठाई जायेगी छोड़ दी जायेगी तब समय निकल चुका होगा छाती पीटने और रोने के सिवाय कुछ न रहेगा
आज कल प्रेरित, प्रचारक और पास्टर कलीसिया के अगुवा नही बल्कि मठाधीश बन कर बैठे हैं
और परमेश्वर की भेड़ों पर हुकूमत कर रहे हैं किसी को भी बढ़ने नही देना चाहते है वे नही चाहते की इस कलीसिया का प्रत्येक भाई बहन सामर्थी हो जाये दानो वरदानों से भर जाए जिससे परमेश्वर की बुलाहट लोगों के जीवन में प्रगट हो
प्रेरितों ने प्रचारकों और पास्टरों ने परमेश्वर की भेड़ो को अपाहिज बना दिया और व्हील चेयर में बैठा दिया आप प्रेरित पर पास्टर पर जीवन भर आश्रित रहे आओ। ध्यान रखाना आप लोग नाश हो जाओगे ।
इसलिए ये पाँच प्रकार की सेवकाई उन कलीसियाओं में नही पायी जाती
महत्वपूर्ण बात है :- पास्टर कलीसिया का चरवाहा होता है कलीसिया से ही प्रेरित, भविष्यवक्ता, प्रचारक, पास्टर, शिक्षक को तैयार करता है और पहले उन्हें कलीसिया में नियुक्त करके जवाबदारी दे कर अनुभवी बनाता है फिर उन्हें फिल्ड में भेजता है, फिर जो जिस बुलाहट में है उसको उसकी बुलाहट के लिए तैयार करके भेज देता है
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यदि आपको ऐसी कलीसिया न मिले तो प्रभु के चरणों में बैठ जाओ और प्रभु से बोलिये के प्रभु ऐसी कलीसिया निर्माण करें जिसका सर आप हों आप जैसा चाहें वैसे चर्च की सर्विस हो और तब तक बैठे रहें जब तक प्रभु नीवं डाल कर काम न शुरू करने लग जाएँ ।
भाइयो और बहनों आप इस सन्देश को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे
Apostle Rakesh Lal / 9981098303

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