★★ भरमाने वाले लोग और उनकी शिक्षा ★★
भाइयो और बहनों आपको मालूम हो कि इस समय बहुत से भरमाने वाले लोग भरमाने वाली शिक्षाओं को फैला कर लोगों को उद्धार पाने से रोकना चाहते हैं ।
ऐसे लोगों का उद्देश्य लाखों करोड़ों आत्माओं को नरक में ले जाना है
जिसमे से एक गुमराह करने वाली शिक्षा को आपके सामने ला रहा हूँ
अब आप यदि मसीही हो तो
मत्ती, मरकुस, लूका, यहुन्ना, प्रेरितों के काम 1:8 तक यीशु मसीह के द्वारा दी गई शिक्षा है
जिसको आप कड़ाई से पालन करेंगे मानेंगे।
क्योंकि यहुन्ना 1:1……. के अनुसार
“आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।”
“यही आदि में परमेश्वर के साथ था।”
“परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उस ने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात् उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।”
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नोट :- जितनों ने वचन को यानि मत्ती, मरकुस, लुका, यहुन्ना, प्रेरितों के काम 1:1..8 तक ग्रहण नही किया उन्हें परमेश्वर की संतान होने का अधिकार नही ।
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“और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण होकर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।”
“मतलब यीशु ही वचन है और वचन की एक मात्रा और बिंदु भी यीशु मसीह हैं”
★◆◆ सबसे महत्वपूर्ण बात ◆◆★
यीशु क्या कह रहे हैं लोग यीशु के कहे गए वचनो को नही मानते
John 14:21, 23-24 (HBSI)
“जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा।”
“यीशु ने उस को उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।”
★★__लोग यीशु को मानते हैं लेकिन वचन को नही मानते वो यीशु से प्रेम नही रखते ★★
“जो मुझ से प्रेम नहीं रखता, वह मेरे वचन नहीं मानता, और जो वचन तुम सुनते हो, वह मेरा नहीं वरन पिता का है, जिस ने मुझे भेजा।।”
★★ जो वचन को नही मानता वो झूठा है ★★
“जो कोई यह कहता है, कि मैं उसे जान गया हूं, और उस की आज्ञाओं को नहीं मानता, वह झूठा है; और उस में सत्य नहीं।”1 यूहन्ना 2:4
और लोग कहते हैं हम यीशु से प्यार करते हैं लेकिन वचन नही मानते ये कैसा प्रेम ?
लोग कहते हैं हम मसीही हैं लेकिन वचन पर बहस करते हैं यानि यीशु से बहस करते हैं ये कैसे मसीही ?
अब यीशु मसीह ने मरकुस 16:17,18 में विश्वासियों में 5 चिन्ह बताये हैं और वे सभी चिन्ह एक विश्वासी में होना अनिवार्य है
जिसमे से एक चिन्ह है “वे नई नई भाषा बोलेंगे।”
ये नई नई भाषा यानि अन्य अन्य भाषा पवित्र आत्मा की भाषा है इस भाषा को सिर्फ पिता परमेश्वर और पुत्र परमेश्वर ही समझ सकते हैं 1कुरिन्थियों 14:2 ( पवित्र आत्मा कोड वर्ड में पिता से बातें करते है जिससे शत्रु को पता न चले की , क्योंकि जब दानिएल ने प्रार्थना की उस समय शत्रु को पता चल गया तो उसने प्रार्थना का उत्तर लाते समय रोक लिया और 21 दिन लग गए)
आप बार्डर में देखो वहां भी सैनिक कोड वर्ड में सन्देश भेजते हैं ताकि शत्रु को पता न चले कि क्या सन्देश है कहाँ पर मदद बुलाई जा रही है
उसी तरह से अन्य अन्य भाषा हैं जिसको हर व्यक्ति को पाना आवश्यक है ताकि वो आत्मा में हो कर पिता से बात कर सकें आवश्यकताओ को मांग सके अपनी कमजोरियों को दूर करवा सके
अब ये भरमाने वाले लोग भरमाने वाली शिक्षा को कैसे फैला कर लोगों को भर्मित कर रहे हैं
ज्यादातर अन्य भाषा के विषय में
1कुरिन्थियों 12 – 13- 14 अध्याय से भरमाते गुमराह करते है और यीशु की शिक्षा को इन अध्यायों से एक चतुर वकील के समान क्रास कर देते हैं
जबकि पौलुस ने कुरिंथ की कलीसिया जो की प्रेरितों के कार्य के समय पवित्र आत्मा से भरी थी उसको खत (पत्र) लिख कर आत्मिक वरदानों के विषय में समझा रहा है कि एक कलीसिया के अंदर क्या होना चाहिए और एक कलीसिया को क्या करना चाहिए।
अब देखिये ये पाखंडि , अधर्मी लोग कैसे नए विश्वासी को तीन बातों से लोगों को उद्धार यानि पवित्र आत्मा के बपतिस्मा यानि नया जन्म पाने से रोक लेते हैं?
जबकि ये नीचे लिखित बातें पवित्र आत्मा पाये हुए लोगों के लिए हैं
वे कहते हैं :-
1. कि अन्य भाषा वरदान है 1 कुरी. 12:10
2. क्या सब नाना प्रकार की भाषा बोलते हैं? 1कुरी. 12:30b
3. परंतु ये सब प्रभावशाली कार्य वही एक आत्मा करता है, और जिसे जो चाहता है वो बाँट देता है।”
अब मैं आपकी आँखे खोल रहा हूँ
आप खुद मिलान कीजिये
(1) प्रेरितों के काम 2:1….4 यहाँ पर पवित्र आत्मा का आगमन होता है और 120 लोग पवित्र आत्मा से भर जाते हैं और वे सब 120 लोग अन्य अन्य भाषा बोलने लगते हैं
ये भरमाने और गुमराह करने वाले पाखंडी लोगों के अनुसार जब अन्य भाषा वरदान है और आत्मा जिसे जो चाहता है बाँट देता है यानि सब को यह वरदान नही दिया जाता सभी लोग नाना भाषा नही बोलते
तो मेरा प्रशन है कि
120 लोगों को एक ही वरदान अन्य अन्य भाषा का क्यों बाँट दिया गया ?
उत्तर :- की प्रतीक्षा में या आपको जब कोई ऐसे समझाये तो आप भी उससे ये प्रशन करें और उत्तर मांगे
(2) प्रेरितों के काम 10:44 …..47 पतरस का प्रचार ख़त्म ही नही हुआ और पवित्र आत्मा सब वचन के सुनने वालो पर उतर आया तब पतरस और सब खतना वाले आश्चर्यचकित हुए क्योंकि अन्य जातियों को अपने समान अन्य अन्य भाषा बोलते सुना।
तब उनको पता चला कि अन्य जातियों को भी पवित्र आत्मा का दान उंडेला गया है
तो मेरा प्रशन है कि इतने सारे अन्य जातियों को भी एक ही वरदान अन्य अन्य भाषा का क्यों दिया गया ?
उत्तर : की प्रतीक्षा में या आपको कोई इस तरह समझाये तो आप उससे पूछें
(3) प्रेरितों के काम 19:1…6
यहुन्ना का मन फिराव का बपतिस्मा अपोलुस से लिए 12 लोग पौलुस से मिले पौलुस ने उन से पूछा कि क्या तुमने विश्वास करते समय पवित्र आत्मा का दान पाया उन्होंने कहा हम ने तो पवित्र आत्मा की चर्चा भी नही सुनी
तब उसने उन्हें बपतिस्मा दिया और उन पर जैसे ही हाथ रखा वे पवित्र आत्मा से भर गए और अन्य अन्य भाषा बोलने लगे
तो मेरा यहाँ पर प्रशन है जबकि अन्य अन्य भाषा वरदान है और सब को नही दिया जाता तो यहां पर 12 लोगों को एक साथ एक ही वरदान क्यों दिया गया।
उत्तर : गुमराह करने वाले लोगों उत्तर दीजिये और यदि आप गुमराह किये गए हो तो जिसने आपको भरमाया है उससे पूछिये
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बाइबल के अनुसार अन्य अन्य भाषा पवित्र आत्मा परमेश्वर की भाषा है परमेश्वर हमारे अंदर से होकर बोलता है
और इस बारे में पुराने नियम में देखिये परमेश्वर ने अन्य अन्य भाषा के विषय में पहले ही बोल दिया था
“वह तो इन लोगों से परदेशी होंठों और विदेशी भाषावालों के द्वारा बातें करेगा;” यशायाह 28:11
“और उस समय मैं देश- देश के लोगों से एक नई और शुद्ध भाषा बुलवाऊंगा, कि वे सब के सब यहोवा से प्रार्थना करें, और एक मन से कन्धे से कन्धा मिलाए हुए उसकी सेवा करें।” सपन्याह 3:9
अब देखिये नए नियम में 1 कुरिन्थियों 14:21 में कितना स्पष्ट पौलुस परमेश्वर की ओर से कह रहा है
“व्यवस्था में लिखा है, कि प्रभु कहता है; मैं अन्य भाषा बोलनेवालों के द्वारा, और पराए मुख के द्वारा इन लोगों से बात करूंगा तौभी वे मेरी न सुनेंगे।”
तौभी वे मेरी यानि परमेश्वर की न सुनेंगे
और इसी लिए कहते हैं अन्य भाषा परमेश्वर की भाषा नही बोली नही ये तो वरदान है जिसको पवित्र आत्मा चाहता है बांट देता है कितनी चालाकी से ये अधर्मी लोग शैतान के दूत लोगो को बहका देते हैं
देखिये मरकुस 16:17,18 में यीशु ने कहा :-
“विश्वास करने वालों में ये चिन्ह होंगे”
“वे नई नई भाषा बोलेंगे।” यानि अन्य भाषा पवित्र आत्मा का बपतिस्मा प्राप्त विश्वासियों की पहचान है।
जिससे जो अन्य भाषा नही बोलते अविश्वासी हैं वो किसी को अन्य अन्य भाषा बोलते हुए देखे और सुने तो चीन्ह जाएँ की ये हम से डिफरेंट टाइप के लोग है ये विश्वासी लोग हैं
“इसलिये अन्यान्य भाषाएं विश्वासियों के लिये नहीं, परन्तु अविश्वासियों के लिये चिन्ह हैं,…….।”
क्योंकि विश्वासी लोग तो नई नई भाषा बोलते ही है मरकुस 16:17,18 के अनुसार और अविश्वासी लोग अन्य अन्य भाषा नही बोलते हैं।
इसलिए आप लोग किसी के बहकावे में न आये यदि आप अन्य अन्य भाषा नही बोलते तो चिंता मत कीजिये परमेश्वर ने प्रतिज्ञा करी है।
आप अपना मन फिरा लीजिये
पवित्र आत्मा आपसे मात्र एक सांस दूर हैं
यदि आप पवित्र आत्मा का बप्तिस्मा पाना चाहते हैं तो संपर्क करे
भाइयो और बहनों इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें जिससे लोग भरमाने वालों से बच जाएँ और उद्धार पाएं
प्रभु यीशु आपको आशीष देवें आमीन
अपोस्टल राकेश लाल / 9981098303/ 8319805610

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